धर्म परायण देश भारत में समर्थ गुरु, सन्तों का प्रादुर्भाव होता रहा है। प्रभु के भेजे हुए सन्त इस धरती के जीवों की तरह-तरह की तकलीफों को तो दूर करते ही हैं, साथ ही साथ उनको मुक्ति-मोक्ष का रास्ता बता कर नर्क, चौरासी जन्मने और मरने की भयंकर पीड़ा से मुक्ति दिलाया करते हैं। इसलिए सन्तों के परोपकार का बदला चुकाया नहीं जा सकता है। विश्व विख्यात सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के निज धाम जाने के बाद बाबा के आदेशानुसार बाबा उमाकान्त जी महाराज जीव कल्याण का कार्य कर रहे हैं।

     ज्ञातव्य है कि यह वही बाबा उमाकान्त जी महाराज हैं जिनके दर्शन करने, सतसंग सुनने, बताए रास्ते पर चलने से तकलीफ में आराम मिलने लगता है। कभी अवसर मिले तो सत्संग जरूर सुनिएगा।